Punjab Desk: जालंधर में पुलिस और गैंगस्टरों के बीच हुई एक बड़ी मुठभेड़ को लेकर पुलिस कमिश्नर (CP) सतिंदर सिंह ने कई सनसनीखेज खुलासे किए हैं। शाहपुर गांव में सीआईए (CIA) स्टाफ और एक कुख्यात शूटर के बीच आमने-सामने की फायरिंग हुई, जिसमें आरोपी गोली लगने से घायल हो गया।
इस मुठभेड़ के बाद पुलिस ने कनाडा से चल रहे एक जबरन वसूली (Extortion) रैकेट और कुख्यात लक्की पटियाल गैंग के गठजोड़ का पर्दाफाश किया है।
नाकाबंदी के दौरान फिसली बाइक, फिर शुरू हुई फायरिंग
पुलिस कमिश्नर सतिंदर सिंह के अनुसार, सीआईए टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि एक शातिर शूटर इलाके में किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में है। सूचना के आधार पर पुलिस ने गांव शाहपुर के पास नाकेबंदी की हुई थी। इसी दौरान:
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पुलिस को देखकर आरोपी ने अपनी मोटरसाइकिल भगाकर भागने की कोशिश की।
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पुलिस टीम ने तुरंत उसका पीछा किया, जिससे हड़बड़ाहट में आरोपी की बाइक फिसल गई।
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खुद को घिरता देख आरोपी ने पुलिस टीम पर सीधी फायरिंग झोंक दी।
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पुलिस ने भी आत्मरक्षार्थ जवाबी कार्रवाई की, जिसमें पैर में गोली लगने से शूटर घायल हो गया और उसे दबोच लिया गया।
आरोपी की पहचान और पुराना क्रिमिनल रिकॉर्ड
पकड़े गए शूटर की पहचान योद सिंह योदा उर्फ लब्बू (निवासी शाहकोट) के रूप में हुई है। पुलिस ने उसके कब्जे से वारदात में इस्तेमाल की गई पिस्तौल और हेलमेट बरामद कर लिया है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, योदा एक शातिर अपराधी है जो मोगा, मोहाली और पंजाब के अन्य जिलों में कई वारदातों को अंजाम दे चुका है और कई थानों में वांटेड (वांछित) चल रहा था।
वरदान अस्पताल फायरिंग कांड का मुख्य आरोपी: कनाडा से जुड़ा है कनेक्शन
सीपी ने बताया कि करीब 2 से 3 महीने पहले जालंधर के प्रसिद्ध ‘वरदान अस्पताल’ के गेट पर जो सरेआम फायरिंग हुई थी, वह इसी आरोपी योदा ने की थी। जांच में इसके पीछे की पूरी कहानी सामने आई है:
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कनाडा से विवाद: कनाडा में रहने वाले एक एनआरआई (NRI) का वरदान अस्पताल प्रबंधन के साथ कोई पुराना विवाद चल रहा था।
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लाखों की फिरौती: उस कनाडा मूल के व्यक्ति ने अस्पताल से लाखों रुपये की फिरौती मांगी थी और डराने के लिए लक्की पटियाल गैंग से संपर्क किया।
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लक्की पटियाल का गुर्गा: लक्की पटियाल के इशारे पर ही शूटर योदा ने पैसे लेकर वरदान अस्पताल के बाहर गोलियां चलाई थीं।
मनी ट्रेल और हवाला नेटवर्क का होगा खुलासा
पूछताछ के दौरान घायल शूटर योदा ने पुलिस के सामने कई अहम राज उगले हैं। उसने इस पूरे नेटवर्क की ‘मनी ट्रेल’ (पैसों के लेन-देन) को लेकर बड़ा खुलासा किया है। योदा ने बताया है कि फिरौती और टेरर फंडिंग का पैसा मनी ट्रेल के जरिए कहां जाता है और पंजाब में इसे कौन संभालता है।
उसने इस काम में लिप्त 2 से 3 मुख्य सिंडिकेट ऑपरेटरों के नामों का भी खुलासा किया है। पुलिस कमिश्नर ने स्पष्ट किया है कि इन आरोपियों के खिलाफ भी जल्द ही कड़ा एक्शन लिया जाएगा और मुख्य साजिशकर्ता (कनाडा निवासी), जो फिलहाल पीओ (घोषित अपराधी) है, उसे कानून के शिकंजे में लाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।



