भावनगर (गुजरात)। गुजरात के भावनगर जिले के गर्जिया गांव में उस समय हड़कंप मच गया, जब एक शेरनी ने घर के पास ही मवेशी चरा रहे एक चरवाहे पर अचानक जानलेवा हमला कर दिया। झाड़ियों से निकलकर आई शेरनी ने चरवाहे को दबोच लिया। हालांकि, ग्रामीणों की सूझबूझ और चरवाहे के अदम्य साहस के कारण उसकी जान बच गई। फिलहाल घायल शख्स को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत स्थिर बनी हुई है।
झाड़ियों से अचानक झपटी शेरनी, मौत के मुंह से यूं बचा चरवाहा
घटना के दौरान मौके पर मौजूद लोगों और पीड़ित के अनुसार, यह हमला बेहद अचानक और भयानक था:
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झाड़ियों से किया हमला: चरवाहा रोज की तरह अपने घर के पास ही पशुओं को चरा रहा था। तभी पास की घनी झाड़ियों में घात लगाकर बैठी शेरनी ने अचानक उस पर छलांग लगा दी।
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दहाड़ती रही शेरनी, जूझता रहा शख्स: शेरनी ने चरवाहे को अपने पंजों में जकड़ लिया और उस पर हावी हो गई। इस भयानक मंजर के बीच चरवाहे ने हिम्मत नहीं हारी। उसने अपने हाथों से शेरनी के मजबूत जबड़े को अपनी गर्दन से दूर धकेलने की पूरी कोशिश की, ताकि वह उसकी सांस की नली पर वार न कर सके। इस दौरान शेरनी लगातार दहाड़ मारकर ग्रामीणों को डराने का प्रयास कर रही थी।
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ग्रामीणों ने किया पथराव: शोर सुनकर आसपास के ग्रामीण भारी संख्या में वहां जमा हो गए। चरवाहे को बचाने के लिए लोगों ने शोर मचाना शुरू किया और शेरनी पर पत्थरों से हमला कर दिया। चौतरफा दबाव और भारी शोर-शराबे के बाद आखिरकार शेरनी चरवाहे को छोड़कर वापस जंगलों की तरफ भाग गई।
अस्पताल में भर्ती, इलाके में वन विभाग का डेरा
शेरनी के चंगुल से छूटने के बाद लहूलुहान चरवाहे को ग्रामीणों ने बिना वक्त गंवाए तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों के मुताबिक, चरवाहे को गंभीर चोटें आई हैं, लेकिन समय पर इलाज मिलने के कारण अब उसकी स्थिति खतरे से बाहर (स्थिर) बताई जा रही है।
गांव में दहशत का माहौल: इस हिंसक हमले के बाद से गर्जिया गांव और आसपास के ग्रामीण इलाकों में भारी दहशत का माहौल है। लोग अपने घरों से बाहर निकलने और मवेशियों को चराने ले जाने से कतरा रहे हैं। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग (Forest Department) की टीम ने क्षेत्र में डेरा जमा लिया है। टीम द्वारा शेरनी की लोकेशन पर नजर रखी जा रही है ताकि ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।



