Viral News। सोशल मीडिया पर इन दिनों एक बेहद विचलित करने वाला वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में एक क्रूरता भरी घटना सामने आई है, जहां एक माता-पिता अपने छोटे बच्चे की लंबाई बढ़ाने के अजीबोगरीब और अवैज्ञानिक दावे के साथ उसके हाथ दरवाजे के फ्रेम (चौखट) से बांधकर उसे हवा में लटकाए हुए नजर आ रहे हैं। वीडियो में मासूम बच्चा दर्द से बुरी तरह रोता-बिलखता दिखाई दे रहा है।
“क्या बच्चे को ऐसे टॉर्चर करते हैं?”— पड़ोसी महिला ने जताया विरोध
वायरल वीडियो में इस अमानवीय व्यवहार के खिलाफ एक पड़ोसी महिला बहादुरी से आवाज उठाती और दंपति को टोकती हुई सुनाई दे रही है:
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तीखी बहस: पड़ोसी महिला ने जब बच्चे को इस हाल में देखा, तो उसने सीधे दंपति से पूछा, “क्या बच्चे को ऐसे टॉर्चर करते हैं?”
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निजी मामला बताकर पल्ला झाड़ा: इस पर घर के अंदर मौजूद महिला ने बेहद संवेदनहीन जवाब देते हुए कहा कि पड़ोसी को पूरी बात नहीं पता है और यह उनका ‘निजी मामला’ है।
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मारपीट का आरोप: विरोध कर रही महिला का दावा है कि उसने नीचे अपने घर तक बच्चे की चीखें सुनीं, जिसके बाद वह ऊपर आई। उसने दंपति पर बच्चे के साथ मारपीट करने का भी आरोप लगाया।
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दंपति का अजीब तर्क: वीडियो के अंत में एक व्यक्ति बच्चे को नीचे उतारता है और कैमरे पर दावा करता है कि उन्होंने बच्चे की हाइट (लंबाई) बढ़ाने के लिए ऐसा किया था। इसके साथ ही उसने बिना इजाजत वीडियो बनाने पर आपत्ति भी जताई।
विशेषज्ञों की चेतावनी: लंबाई बढ़ना तो दूर, हो सकता है गंभीर नुकसान
इस वीडियो के सामने आने के बाद बाल रोग विशेषज्ञों और डॉक्टरों ने कड़ा रुख अपनाया है। विशेषज्ञों के अनुसार:
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कोई वैज्ञानिक आधार नहीं: बच्चे को दरवाजे या किसी अन्य ऊंचाई से इस तरह बांधकर लटकाने से लंबाई बढ़ने का कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।
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शारीरिक और मानसिक खतरा: ऐसा करने से मासूम बच्चे के कंधों, हाथों के जॉइंट्स और रीढ़ की हड्डी (Spine) को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है। इसके अलावा, इस तरह के क्रूर व्यवहार से बच्चे के मानसिक स्वास्थ्य पर बेहद गहरा और नकारात्मक असर पड़ता है।
सोशल मीडिया पर कार्रवाई की मांग
वीडियो के इंटरनेट पर वायरल होते ही लोगों में भारी आक्रोश है। अधिकांश यूजर्स ने इसे ‘चाइल्ड एब्यूज’ (बाल उत्पीड़न) का गंभीर मामला बताते हुए संबंधित देशों की जांच एजेंसियों और बाल संरक्षण अधिकारियों से इस मामले की तुरंत जांच करने और बच्चे को सुरक्षित करने की मांग की है।
नोट: हालांकि, यह वीडियो किस देश या शहर का है, घटना किस तारीख की है और वीडियो में दिख रहे माता-पिता के दावों में कितनी सच्चाई है, इसकी अभी तक किसी भी आधिकारिक माध्यम से स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।



