पंजाब में बाढ़ से निपटने के लिए हाई-अलर्ट: मंत्री बरिंदर गोयल ने की समीक्षा बैठक, ₹414 करोड़ के सुरक्षा कार्य पूरे

चंडीगढ़। मानसून के सीजन को देखते हुए पंजाब सरकार ने संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए अपनी कमर कस ली है। जल संसाधन मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने मंगलवार को जल संसाधन विभाग के मुख्यालय में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। इस बैठक में राज्य के बाढ़ सुरक्षा और ड्रेनेज प्रबंधन कार्यों की प्रगति का बारीकी से जायजा लिया गया। कैबिनेट मंत्री ने अधिकारियों को दो टूक निर्देश दिए कि राज्य के सभी बाढ़ संभावित और संवेदनशील (Sensitive) इलाकों पर 24 घंटे निगरानी रखी जाए, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत एक्शन लिया जा सके।

“जान-माल की सुरक्षा के लिए सरकार प्रतिबद्ध”

बैठक के दौरान जल संसाधन मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार राज्य के लोगों के जान-माल, फसलों और सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा के लिए पूरी तरह मुस्तैद है।

  • मजबूत निगरानी तंत्र: सरकार ने पूरे पंजाब में एक कड़ा मॉनिटरिंग सिस्टम तैयार किया है।

  • कमियों को तुरंत सुधारने के निर्देश: फील्ड अधिकारियों को हिदायत दी गई है कि वे नदियों, ड्रेनों (नालों) और बांधों का नियमित निरीक्षण करें और जहां भी कोई कमजोरी दिखे, उसे तुरंत ठीक करें। गौरतलब है कि मंत्री गोयल ने हाल ही में खुद कई संवेदनशील इलाकों का दौरा कर जमीनी हकीकत का जायजा लिया था।

बाढ़ सुरक्षा पर खर्च हुए ₹414.75 करोड़ (कामों का ब्योरा)

बैठक में मौजूद वरिष्ठ अधिकारियों ने अब तक पूरे हो चुके प्रोजेक्ट्स का पूरा डेटा सामने रखा। मानसून से पहले जल निकासी को सुचारु बनाने के लिए बड़े स्तर पर काम किए गए हैं:

कार्य का प्रकार अब तक की प्रगति
बोल्डर स्टोन और हाइब्रिड सुरक्षा कार्य 101 प्रोजेक्ट्स पूरे
ड्रेनों (नालों) की सफाई 188 ड्रेन्स साफ किए गए
तटबंधों (Embankments) की मजबूती 22 तटबंध मजबूत किए गए
बांधों को ऊंचा उठाना 17 बांधों की ऊंचाई बढ़ाई गई
फ्लड कंट्रोल गेट 05 गेटों का संचालन दुरुस्त किया गया

गाद निकालने का काम समय पर पूरा करने के आदेश

नदियों और नहरों से गाद (Silt) निकालने के काम की समीक्षा करते हुए मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने कहा कि मानसून के चरम पर पहुंचने से पहले सभी पेंडिंग काम हर हाल में पूरे हो जाने चाहिए। इससे भारी बारिश के दौरान पानी का बहाव नहीं रुकेगा और जलभराव (Waterlogging) की नौबत नहीं आएगी। उन्होंने साफ किया कि काम की गुणवत्ता (Quality) से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

इस अहम बैठक में जल संसाधन विभाग के प्रमुख सचिव कृष्ण कुमार, मुख्य अभियंता (ड्रेनेज) हरदीप सिंह मैंदीरत्ता सहित कई अन्य आला अधिकारी मौजूद रहे।

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