गुरुग्राम। गुरुग्राम साइबर पुलिस ने सोशल मीडिया पर विदेशी महिला बनकर भोले-भाले लोगों को चूना लगाने वाले एक अंतरराष्ट्रीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस मामले में दिल्ली से दो नाइजीरियाई नागरिकों को गिरफ्तार किया है। ये शातिर ठग फेसबुक पर यूनाइटेड किंगडम (UK) की अमीर महिला की फर्जी प्रोफाइल बनाकर लोगों से दोस्ती करते थे और फिर कीमती तोहफे या भारत आने का झांसा देकर लाखों रुपये ऐंठ लेते थे।
केस स्टडी: ऐसे बुना ठगी का जाल
मानेसर साइबर थाने में दर्ज मामले के अनुसार, ठगी का यह खेल इसी साल अप्रैल महीने में शुरू हुआ था:
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फर्जी फेसबुक आईडी: 29 अप्रैल 2026 को पीड़ित के पास फेसबुक पर ‘Kathlin’ नाम की एक महिला की फ्रेंड रिक्वेस्ट आई। धीरे-धीरे बातचीत दोस्ती में बदली और दोनों व्हाट्सएप पर चैट करने लगे।
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भारत आने का नाटक: कुछ दिनों बाद आरोपी ने पीड़ित को झांसा दिया कि वह उससे मिलने भारत आ रही है।
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कस्टम अधिकारी बनकर कॉल: इसके बाद पीड़ित को एक अनजान नंबर से फोन आया। फोन करने वाले ने खुद को मुंबई एयरपोर्ट का कस्टम अधिकारी बताया। उसने पीड़ित से कहा कि उसकी विदेशी दोस्त एयरपोर्ट पर फंस गई है, उसके पास पैसे खत्म हो गए हैं और कस्टम क्लियरेंस के लिए तुरंत जुर्माना भरना होगा।
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63 हजार की चपत: झांसे में आकर पीड़ित ने जालसाजों द्वारा दिए गए अलग-अलग बैंक खातों में कुल 63,500 रुपये ट्रांसफर कर दिए। बाद में संपर्क टूटने पर पीड़ित को ठगी का अहसास हुआ।
बिजनेस वीजा पर आकर दिल्ली से चला रहे थे रैकेट
ठगी की शिकायत मिलने के बाद गुरुग्राम साइबर पुलिस हरकत में आई। तकनीकी जांच और सर्विलांस की मदद से पुलिस ने 7 जुलाई को दिल्ली के जवाहर पार्क इलाके में छापेमारी कर दोनों नाइजीरियाई ठगों को धर दबोचा।
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आरोपियों की पहचान: पकड़े गए आरोपियों के नाम केल्विन ओगबु और किंग्सले ओजोबो हैं।
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पुराना आपराधिक रिकॉर्ड: पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि दोनों आरोपी बिजनेस वीजा पर भारत आए थे और काफी समय से यहां रह रहे थे। मुख्य आरोपी केल्विन ओगबु के खिलाफ साल 2024 में दिल्ली में ‘फॉरेनर्स एक्ट’ के तहत भी मामला दर्ज हो चुका है। पुलिस ने इनके कब्जे से वारदात में इस्तेमाल मोबाइल फोन बरामद कर लिया है।
साइबर पुलिस की जनता से अपील
फिलहाल पुलिस दोनों विदेशी ठगों को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर ले रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इन्होंने अब तक देश में कितने और लोगों को अपना शिकार बनाया है और ठगी की रकम कहां ट्रांसफर की है।
अलर्ट रहें: साइबर पुलिस ने आम जनता को सचेत करते हुए अपील की है कि सोशल मीडिया पर किसी भी अनजान व्यक्ति (विशेषकर खुद को विदेशी बताने वालों) की फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार न करें। किसी भी अनजान शख्स के कहने पर ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर करने से बचें; थोड़ी सी सतर्कता आपको बड़ी ठगी से बचा सकती है।



