लुधियाना में ‘नेशनल स्कूल गेम्स’ का भव्य आगाज़, शिक्षा मंत्री हरजोत बैंस ने खिलाड़ियों की हौसला-अफजाई के साथ किया उद्घाटन

Punjab

चंडीगढ़ : पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने मंगलवार को लुधियाना के गुरु नानक स्टेडियम में 69वें नेशनल स्कूल गेम्स का औपचारिक उद्घाटन किया। इसके साथ ही राज्य में एक बड़े राष्ट्रीय स्तर के खेल आयोजन की शुरुआत हुई। यह प्रतियोगिताएं 6 जनवरी से 11 जनवरी तक आयोजित की जा रही हैं, जिनमें देशभर से युवा खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। इससे पंजाब एक बार फिर स्कूल खेलों के राष्ट्रीय केंद्र के रूप में उभरता दिखाई दे रहा है।

इन खेलों में सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के अलावा केंद्रीय विद्यालय, नवोदय विद्यालय और विद्या भारती से जुड़े स्कूलों की टीमें भाग ले रही हैं। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने बताया कि 69वें नेशनल स्कूल गेम्स के दौरान अंडर-14 वर्ग में लड़कों और लड़कियों की जूडो व ताइक्वांडो प्रतियोगिताएं तथा अंडर-19 वर्ग में लड़कों और लड़कियों की गतका प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। उन्होंने कहा कि मुकाबले लुधियाना के विभिन्न स्थानों पर होंगे, जिनमें बीसीएम आर्य मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल, शास्त्री नगर, सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल, पंजाब एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी (पीएयू) और पीएयू का ओपन एयर थिएटर शामिल हैं।

इस आयोजन को पंजाब और लुधियाना के लिए गर्व का विषय बताते हुए मंत्री ने कहा कि लगभग 1,000 खिलाड़ी और 350 से अधिक कोच देश के विभिन्न हिस्सों से यहां पहुंचे हैं। इनमें पंजाब, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, आंध्र प्रदेश और पूर्वोत्तर राज्यों के प्रतिभागी शामिल हैं।

हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा खिलाड़ियों और कोचों के लिए व्यापक प्रबंध किए गए हैं। कड़ाके की ठंड के बावजूद आवास, भोजन और परिवहन की उचित व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। सुरक्षा के लिए पीसीआर टीमें तैनात की गई हैं और खेल मैदानों में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं।

राज्य सरकार की खेलों के प्रति प्रतिबद्धता पर प्रकाश डालते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार खेल अवसंरचना को मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने बताया कि पहले चरण में गांवों और शहरों में 3,100 खेल मैदानों का निर्माण युद्ध स्तर पर किया जा रहा है, ताकि भविष्य में पंजाब के हर गांव में अपना खेल मैदान हो।

उन्होंने यह भी कहा कि खेलों में क्षमता निर्माण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। बॉक्सिंग, हॉकी, कबड्डी और अन्य खेलों की नर्सरियों में बड़ी संख्या में कोचों की भर्ती की जा रही है। इसके साथ ही खिलाड़ियों के आहार में भी बढ़ोतरी की गई है, जिससे वे बेहतर प्रशिक्षण और प्रदर्शन कर सकें।

पंजाब की खेल नीति का जिक्र करते हुए हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि राज्य सरकार एशियन गेम्स, कॉमनवेल्थ गेम्स, वर्ल्ड चैंपियनशिप और ओलंपिक जैसे अंतरराष्ट्रीय आयोजनों के लिए चयनित खिलाड़ियों को पहले ही आर्थिक सहायता प्रदान करती है। अन्य राज्यों में जहां यह प्रोत्साहन पदक जीतने के बाद दिया जाता है, वहीं पंजाब खिलाड़ियों को पहले से सहयोग देता है, जिसका सकारात्मक असर पदकों की संख्या में वृद्धि के रूप में सामने आया है।

इस अवसर पर विधायक दलजीत सिंह भोला ग्रेवाल, माध्यमिक शिक्षा निदेशक गुरिंदर सिंह सोढ़ी, मेयर प्रिंसिपल इंदरजीत कौर, सीनियर डिप्टी मेयर राकेश पराशर, डिप्टी मेयर प्रिंस जौहर, जिला शिक्षा अधिकारी डिंपल मदान, जिला खेल अधिकारी कुलदीप चुघ सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

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