चंडीगढ़: 13 अप्रैल 1919 का दिन भारतीय इतिहास का वह काला अध्याय है, जिसे आज भी याद कर हर भारतीय का सीना गर्व और दुख से भर उठता है। अमृतसर के जलियांवाला बाग हत्याकांड की बरसी पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और राज्य के अन्य प्रमुख नेताओं ने शहीदों की महान कुर्बानी को नमन किया है।
मुख्यमंत्री भगवंत मान का संदेश: “शहीदों के सपनों का पंजाब बनाएं”
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए लिखा, “जलियांवाला बाग में अपनी जान न्यौछावर करने वाले महान शूरवीरों को कोटि-कोटि प्रणाम। उन वीरों का बलिदान हमें हमेशा देश-प्रेम के लिए प्रेरित करता रहेगा। आज का दिन हमें यह संकल्प लेने के लिए प्रेरित करता है कि हम सब मिलकर शहीदों के सपनों का पंजाब बनाएं।”
विधानसभा स्पीकर और नेताओं ने किया याद
पंजाब विधानसभा के अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवां ने भी नरसंहार की इस दर्दनाक घटना को याद करते हुए शहीदों के अद्वितीय साहस को सलाम किया। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता महज एक शब्द नहीं, बल्कि उन लाखों शहीदों का सपना है, जिन्होंने देश की आजादी के लिए अपने प्राणों की आहुति दे दी।
आम आदमी पार्टी और अन्य जन प्रतिनिधियों का सम्मान
आम आदमी पार्टी (AAP) की पंजाब इकाई ने भी शहीदों को याद करते हुए कहा कि यह दिन हमें स्वतंत्रता की कीमत और उन संघर्षों की याद दिलाता है, जिन्होंने हजारों देशभक्तों को मातृभूमि के लिए लड़ने हेतु प्रेरित किया। इसी क्रम में श्री हरगोबिंदपुर साहिब के विधायक अमरपाल किशनकोट ने भी शहीदों के बलिदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी और कहा कि उनका त्याग आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव मशाल का काम करेगा।
पूरे देश और विशेषकर पंजाब की जनता आज कृतज्ञता के साथ उन निहत्थे शहीदों को याद कर रही है, जिन्होंने जलियांवाला बाग की मिट्टी को अपने रक्त से सींचकर आजादी की नींव रखी थी।