हरियाणा डेस्क: प्रदेश सरकार ने स्कूली बच्चों के बस्ते का बोझ कम करने और निजी स्कूलों द्वारा अभिभावकों के आर्थिक शोषण को रोकने के लिए नई गाइडलाइंस जारी की हैं। इन नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूलों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
कक्षावार निर्धारित हुआ बैग का वजन
सरकार ने बच्चों के शारीरिक विकास और रीढ़ की हड्डी के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए स्कूल बैग की अधिकतम सीमा तय कर दी है:
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पहली और दूसरी कक्षा: 1 से 1.5 किलोग्राम।
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तीसरी से पांचवीं कक्षा: 2 से 3 किलोग्राम।
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छठी और सातवीं कक्षा: अधिकतम 4 किलोग्राम।
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आठवीं और नौवीं कक्षा: अधिकतम 4.5 किलोग्राम।
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दसवीं कक्षा: अधिकतम 5 किलोग्राम।
किताबों और यूनिफॉर्म की ‘मनमानी’ पर रोक
निजी स्कूलों द्वारा हर साल महंगी किताबें और यूनिफॉर्म थोपने की शिकायत पर सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है:
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महंगी किताबें: स्कूल अब केवल मान्यता प्राप्त पाठ्यक्रम की किताबें ही लगा सकेंगे। किसी खास प्रकाशक की महंगी या अनावश्यक संदर्भ पुस्तकें खरीदने के लिए दबाव डालना नियमों का उल्लंघन माना जाएगा।
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यूनिफॉर्म और वेंडर: स्कूल अब अभिभावकों को किसी विशेष दुकान या वेंडर से ही वर्दी खरीदने के लिए मजबूर नहीं कर पाएंगे। अभिभावक अपनी सुविधा अनुसार कहीं से भी सामान खरीदने के लिए स्वतंत्र होंगे।
स्कूलों में पेयजल की सुविधा अनिवार्य
विभाग ने आदेश दिया है कि बच्चों को भारी पानी की बोतलें लाने के लिए मजबूर न किया जाए। सभी स्कूलों को परिसर में ही स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल की व्यवस्था करनी होगी।
शिकायत के लिए हेल्पलाइन जारी
यदि कोई स्कूल इन नियमों की अनदेखी करता है, तो अभिभावक अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं:
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हेल्पलाइन नंबर: 0172-5049801 (सुबह 9:00 से शाम 5:00 बजे तक)
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कार्यवाही: जिला शिक्षा अधिकारियों को हर शिकायत पर तुरंत एक्शन लेने के निर्देश दिए गए हैं।