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हरियाणा के ऊर्जा मंत्री अनिल विज का सख्त रुख: बिजली चोरों और बकायेदारों पर चलेगा ‘हंटर’, 15 दिन में जारी होंगे नोटिस

चंडीगढ़: हरियाणा के ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने बिजली निगमों के कामकाज में पारदर्शिता और तेजी लाने के लिए अधिकारियों को कड़े दिशा-निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिजली चोरी और बकाया वसूली के मामले में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

8,200 करोड़ की वसूली के लिए विशेष अभियान

अनिल विज ने बताया कि प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं पर कुल 8,200 करोड़ रुपये की बकाया राशि है। इस बड़ी राशि की वसूली के लिए विभाग विशेष अभियान चला रहा है।

  • 15 दिनों की समयसीमा: जिन उपभोक्ताओं के बिजली कनेक्शन बकाया राशि के कारण स्थायी रूप से काट दिए गए हैं, उन्हें भूमि वसूली अधिनियम के तहत 15 दिनों के भीतर नोटिस जारी किए जाएंगे।

  • सरकारी विभागों पर नजर: सरकारी विभागों पर बकाया बिजली बिलों की वसूली के लिए भी समन्वय बढ़ाया जाएगा।

बिजली चोरी पर लगाम और ट्रांसफार्मर बदलने की डेडलाइन

ऊर्जा मंत्री ने बिजली चोरी को लेकर सख्त चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि चोरी के मामलों में पकड़े गए लोगों को भूमि वसूली अधिनियम के तहत नोटिस देकर बकाया जमा करने का एक और अवसर दिया जाएगा। साथ ही, गर्मियों में बिजली की मांग को देखते हुए उन्होंने अधिकारियों को ‘डेडलाइन’ दी है:

  • शहरी क्षेत्र: खराब ट्रांसफार्मर को अधिकतम 2 घंटे के भीतर बदलना होगा।

  • ग्रामीण क्षेत्र: खराब ट्रांसफार्मर को 4 घंटे के भीतर बदला जाना अनिवार्य है। इसके लिए हर सब-डिवीजन में पर्याप्त ट्रांसफार्मर बैंक और मोबाइल ट्रॉलियों की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं।

गर्मियों और आंधी-तूफान के लिए प्री-प्लानिंग

बिजली आपूर्ति में तकनीकी बाधाओं को रोकने के लिए विज ने पहले से तैयारी करने को कहा है:

  • पेड़ों की छंटाई: आंधी और बारिश के दौरान फीडरों (11 केवी/33 केवी) में फॉल्ट न आए, इसके लिए पेड़ों की समय रहते छंटाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

  • रिपोर्टिंग: दैनिक बिजली आपूर्ति का डेटा अब नियमित रूप से ऊर्जा मंत्री के कार्यालय को भेजा जाएगा।

कर्मचारियों की सुरक्षा और पारदर्शी प्रबंधन

मंत्री ने तकनीकी कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर स्पष्ट किया कि फील्ड में काम करते समय सुरक्षा किट का उपयोग अनिवार्य है। इसके अलावा, विभाग में सामान (मटेरियल) की कमी न हो, इसके लिए ऑनलाइन मॉनिटरिंग और पारदर्शी इन्वेंट्री मैनेजमेंट सिस्टम को और मजबूत किया जा रहा है।

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