पंचकूला: हिसार में जननायक जनता पार्टी (JJP) और इनसो (INSO) नेताओं की गिरफ्तारी तथा पुलिसिया बदसलूकी के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। सोमवार को पंचकूला में जेजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अजय सिंह चौटाला की अध्यक्षता में हुई शीर्ष नेताओं की बैठक में सरकार और पुलिस प्रशासन के खिलाफ आर-पार की लड़ाई का निर्णय लिया गया।
27 अप्रैल को हिसार में महापंचायत
बैठक के बाद पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने पत्रकारों को बताया कि हरियाणा पुलिस की कार्यप्रणाली के विरोध में 27 अप्रैल को हिसार के क्रांतिमान पार्क में एक विशाल महापंचायत आयोजित की जाएगी। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों से अपील की कि वे राजनीति से ऊपर उठकर छात्र हितों की रक्षा के लिए इस लड़ाई में शामिल हों।
डीजीपी ने किया ब्लॉक: दुष्यंत का बड़ा आरोप
दुष्यंत चौटाला ने प्रशासन पर तीखा हमला करते हुए कहा कि वे न्याय की मांग को लेकर प्रदेश के डीजीपी (DGP) से संपर्क करने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन डीजीपी ने उनका फोन उठाने के बजाय उन्हें व्हाट्सएप पर ब्लॉक कर दिया। उन्होंने कहा कि यह दर्शाता है कि या तो ब्यूरोक्रेसी मुख्यमंत्री के नियंत्रण से बाहर है या फिर अधिकारी जिम्मेदारी से भाग रहे हैं।
पुलिसिया कार्रवाई पर उठाए सवाल
दुष्यंत चौटाला ने 17 अप्रैल को गुरु जम्भेश्वर यूनिवर्सिटी (GJU) और हिसार में हुए घटनाक्रम का जिक्र करते हुए पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए:
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बिना वारंट गिरफ्तारी: नेताओं को बिना किसी नोटिस या वारंट के रातों-रात गिरफ्तार किया गया।
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बदसलूकी और चोरी: गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने अभद्रता की और वीडियो रिकॉर्डर तक चोरी कर लिए।
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शतरंज के प्यादे: उन्होंने कहा कि हिसार एसपी और सीआईए टीम किसी और के इशारे पर ‘शतरंज के प्यादे’ की तरह काम कर रहे हैं।
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परिजनों से दुर्व्यवहार: जेजेपी नेता बिजेंद्र धानक की गिरफ्तारी के वक्त पुलिस ने घर में घुसकर सीसीटीवी कैमरे हटाए और परिवार के साथ जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया।
कानूनी लड़ाई का रोडमैप
जेजेपी ने इस मामले में केवल सड़क पर ही नहीं बल्कि कानूनी मोर्चे पर भी लड़ने का फैसला किया है:
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हाईकोर्ट और आयोग: पार्टी इस मामले को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट, मानवाधिकार आयोग और अनुसूचित जाति (SC/ST) आयोग तक ले जाएगी।
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विशिष्ट याचिकाएं: अलग-अलग शिकायतों के आधार पर याचिकाएं तैयार की जा रही हैं ताकि दोषी पुलिस अधिकारियों को सजा दिलाई जा सके।
शिक्षा संस्थानों में ‘राजनीतिक दखल’ पर चिंता
दुष्यंत ने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार शिक्षण संस्थानों को भाजपा और आरएसएस की विचारधारा का अड्डा बना रही है। अन्य छात्र संगठनों को कार्यक्रमों की अनुमति नहीं दी जा रही है। उन्होंने संस्थानों में बढ़ते भ्रष्टाचार और छात्रों (विशेषकर छात्राओं) के मानसिक उत्पीड़न व सुसाइड के मामलों पर भी गहरी चिंता व्यक्त की।
इस अवसर पर जेजेपी प्रदेशाध्यक्ष बृज शर्मा, दिग्विजय सिंह चौटाला और कई अन्य वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। 27 अप्रैल की महापंचायत के जरिए जेजेपी अपनी अगली रणनीति का खुलासा करेगी।