चंडीगढ़: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने रविवार को प्रदेशवासियों के साथ एक बड़ी जानकारी साझा करते हुए बताया कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी के खिलाफ विधानसभा में पारित विधेयक अब आधिकारिक रूप से कानून बन गया है। पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने इस बिल पर हस्ताक्षर कर दिए हैं, जिसके बाद इसे ‘श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी सत्कार एक्ट, 2026’ के नाम से लागू कर दिया गया है।
मुख्यमंत्री ने जताया वाहेगुरु का आभार
सीएम भगवंत मान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर भावुक पोस्ट साझा करते हुए कहा:
“श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी के खिलाफ कानून बनना एक सेवा का फल है। मैं वाहेगुरु का शुक्रगुजार हूं कि उन्होंने इस विनम्र सेवक को ऐसी ऐतिहासिक सेवा का मौका दिया। पूरी संगत का तहे दिल से शुक्रिया।”
कैबिनेट मंत्रियों और नेताओं ने बताया ऐतिहासिक कदम
सरकार के प्रमुख मंत्रियों और पार्टी नेताओं ने इस कानून के लागू होने पर अपनी प्रतिक्रिया दी:
-
हरजोत सिंह बैंस: उन्होंने इसे दुनिया भर के उन करोड़ों लोगों के लिए बधाई का पात्र बताया जो गुरु ग्रंथ साहिब में आस्था रखते हैं। उन्होंने कहा कि यह कानून लोगों की भावनाओं का सम्मान है।
-
डॉ. बलजीत कौर: उन्होंने पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि मान सरकार ने वह कर दिखाया जो केवल दावा करने वाली सरकारें नहीं कर पाईं। यह कानून समाज में नफरत फैलाने वालों के लिए एक बड़ी रुकावट बनेगा।
-
मलविंदर सिंह कंग और डॉ. इंदरबीर सिंह निज्जर: उन्होंने इसे सिखों की लंबे समय से चली आ रही मांग का पूरा होना बताया। उन्होंने उम्मीद जताई कि कानून की कठोरता अब दोषियों के मन में डर पैदा करेगी।
-
कुलदीप सिंह धालीवाल: उन्होंने इसे वैश्विक सिख समुदाय के लिए गर्व का पल करार दिया और राज्यपाल व मुख्यमंत्री का धन्यवाद किया।
धार्मिक सद्भाव की रक्षा का संकल्प
आप महासचिव और पर्यटन सलाहकार दीपक बाली ने स्पष्ट किया कि पंजाब विधानसभा ने यह बिल बिना किसी विरोध के पास किया था। अब राज्यपाल की मंजूरी के बाद यह साफ संदेश गया है कि बेअदबी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यह कानून न केवल श्री गुरु ग्रंथ साहिब की गरिमा बनाए रखेगा, बल्कि राज्य में सांप्रदायिक सद्भाव और शांति को भी मजबूती प्रदान करेगा।