चंडीगढ़: शहर की सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी बनाने के लिए चंडीगढ़ प्रशासन ने पांच महत्वपूर्ण नए कानून लागू किए हैं। इन नियमों का सीधा प्रभाव आम नागरिकों, व्यापारियों और संस्थानों पर पड़ेगा। प्रशासन का लक्ष्य कानूनी प्रक्रियाओं को सरल बनाना और धोखाधड़ी पर लगाम कसना है।
1. फायर NOC: बार-बार के चक्करों से मुक्ति
अब शहर के होटलों, स्कूलों, अस्पतालों और फैक्टरियों को हर साल फायर एनओसी (NOC) के नवीनीकरण की जरूरत नहीं होगी। प्रशासन ने इसकी वैधता अवधि को 1 साल से बढ़ाकर 5 साल कर दिया है। हालांकि, संस्थानों को सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करना होगा।
2. अवैध इमिग्रेशन पर नकेल: 5 साल तक की सजा
फर्जी ट्रैवल एजेंटों और अवैध वीजा सेवाओं के बढ़ते मामलों को देखते हुए प्रशासन ने कड़ा कानून बनाया है। अब बिना लाइसेंस के इमिग्रेशन कारोबार करने वालों को 3 से 5 साल तक की जेल हो सकती है। इस कदम से विदेश जाने के इच्छुक युवाओं के साथ होने वाली धोखाधड़ी में कमी आने की उम्मीद है।
3. रेंट एग्रीमेंट अब अनिवार्य
किरायेदारों और मकान मालिकों के बीच होने वाले विवादों को खत्म करने के लिए रेंट एग्रीमेंट को अनिवार्य कर दिया गया है। बिना कानूनी दस्तावेज के मकान किराये पर देना या लेना अब नियमों के विरुद्ध होगा। इससे पूरी प्रक्रिया कानूनी रूप से सुरक्षित और पारदर्शी बनेगी।
4. ‘लाल लकीर’ संपत्तियों को मिलेगी कानूनी पहचान
शहर के लाल लकीर क्षेत्र के भीतर आने वाली संपत्तियों के लिए प्रशासन आधिकारिक रिकॉर्ड तैयार करेगा। इसके तहत लंबे समय से रह रहे परिवारों को मालिकाना हक देने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी, जिससे उन्हें संपत्ति संबंधी कानूनी सुरक्षा और पहचान मिल सकेगी।
5. सुव्यवस्थित सुरक्षा व्यवस्था
प्रशासन का कहना है कि इन बदलावों से न केवल आम जनता को राहत मिलेगी, बल्कि शहर की सुरक्षा व्यवस्था भी पहले से अधिक मजबूत होगी। नए प्रावधानों को तत्काल प्रभाव से लागू करने की तैयारी कर ली गई है।