अमृतसर: शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने बरनाला जिले के गांव कुब्बा स्थित गुरुद्वारा साहिब के प्रबंधन में कथित राजनीतिक दखलंदाजी को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने घटना की निंदा करते हुए प्रशासन से मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की है।
एडवोकेट धामी ने कहा कि सामने आई जानकारी के अनुसार, गुरुद्वारा साहिब की कमेटी से जुड़े एक विवाद में कुछ लोगों द्वारा एक गुरुद्वारा सदस्य के साथ कथित तौर पर जबरदस्ती की गई और उसकी दाढ़ी की बेअदबी की गई। उन्होंने इस घटना को बेहद गंभीर और निंदनीय बताते हुए कहा कि धार्मिक स्थलों पर इस तरह की हरकतों को किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
उन्होंने कहा कि गुरुद्वारा साहिब सिख संगत की आस्था का प्रमुख केंद्र है और यहां का प्रबंधन गुरमत मर्यादा तथा संगत की सहमति के अनुसार होना चाहिए। किसी भी राजनीतिक दबाव, प्रभाव या जबरदस्ती के जरिए गुरुद्वारा प्रबंधन में हस्तक्षेप करना सिख धार्मिक संस्थाओं की स्वतंत्रता और धार्मिक मर्यादा के लिए गंभीर चुनौती है।
SGPC अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि मामले में स्थानीय राजनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल किए जाने की जानकारी सामने आई है। उन्होंने कहा कि यदि किसी जनप्रतिनिधि या राजनीतिक व्यक्ति की भूमिका इस विवाद में सामने आती है तो पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
एडवोकेट धामी ने प्रशासन से अपील की कि गुरुद्वारा साहिब के प्रबंधन में कथित दखलंदाजी और गुरसिख व्यक्ति की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली घटना की गंभीरता से जांच की जाए। उन्होंने दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई करने की मांग की।
उन्होंने कहा कि धार्मिक संस्थाओं की मर्यादा और स्वतंत्रता बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। गुरुद्वारा साहिबों के प्रबंधन से जुड़े मामलों को राजनीतिक हस्तक्षेप से दूर रखते हुए संगत की सहमति और धार्मिक मर्यादाओं के अनुरूप हल किया जाना चाहिए।


