चंडीगढ़ मर्डर केस में बड़ा खुलासा: मुख्य साजिशकर्ता समेत 4 गिरफ्तार, करोड़ों की ‘आइस ड्रग्स’ बरामद

Punjab Desk: चंडीगढ़ और पंजाब में फैले एक बड़े अंतर-राज्यीय और सीमा-पार आपराधिक नेटवर्क के खिलाफ सुरक्षा बलों को एक बड़ी कामयाबी मिली है। चंडीगढ़ के सेक्टर-11 स्थित ‘श्री कुमार मेडिकल हॉल’ के कैशियर की हत्या के मामले की जांच कर रही क्राइम ब्रांच की टीम ने मुख्य साजिशकर्ता समेत चार और आरोपियों को दबोच लिया है।

इस बड़ी गिरफ्तारी के साथ ही पुलिस ने नशीले पदार्थों (ड्रग्स), अवैध हथियारों और जाली भारतीय नोटों (FICN) की तस्करी करने वाले एक खतरनाक सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है।

हाई-लेवल पुलिसिंग और पंजाब में ताबड़तोड़ छापेमारी

यह पूरा ऑपरेशन डीजीपी डॉ. सागर प्रीत हुड्डा, आईजी पुष्पेंद्र और एसपी मंजीत सिंह की कड़ी निगरानी में चलाया गया। डीएसपी क्राइम लक्ष्य पांडे के मार्गदर्शन और इंस्पेक्टर नरिंदर सिंह पटियाल के नेतृत्व में क्राइम ब्रांच की टीमों ने खुफिया इनपुट के आधार पर पंजाब के तरनतारन और अमृतसर जिलों में दिन-रात एक करके छापेमारी की।

इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने तीन आरोपियों को जमीनी स्तर पर दबोचा, जबकि इस पूरी वारदात के मुख्य साजिशकर्ता को प्रोडक्शन वारंट पर लाकर गिरफ्तार किया गया।

करोड़ों की ‘आइस ड्रग्स’, पिस्तौल और ₹8 लाख के नकली नोट बरामद

गिरफ्तार किए गए आरोपियों के पास से पुलिस को भारी मात्रा में अवैध सामान और हथियार बरामद हुए हैं, जो इस नेटवर्क के अंतरराष्ट्रीय और सीमा-पार कनेक्शन की ओर इशारा करते हैं:

  • आइस ड्रग्स: करीब 3.028 किलोग्राम अत्यधिक नशीला पदार्थ ‘आइस’ (मेथामफेटामाइन) बरामद किया गया है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करोड़ों रुपये है।

  • हथियार: मैगजीन के साथ दो अत्याधुनिक पिस्तौलें बरामद की गई हैं।

  • नकली करंसी: देश की अर्थव्यवस्था को चोट पहुंचाने के मकसद से लाई जा रही 8 लाख रुपये की नकली भारतीय करंसी (जाली नोट) जब्त की गई है।

13 जून की हत्या से जुड़ा है मामला

गौरतलब है कि सेक्टर-11 थाना क्षेत्र में बीती 13 जून को श्री कुमार मेडिकल हॉल के कैशियर की सरेआम हत्या कर दी गई थी। इस सनसनीखेज वारदात के बाद सेक्टर-11 थाना पुलिस मामले की तफ्तीश में जुटी थी।

चूंकि मामला केवल हत्या तक सीमित नहीं था, इसलिए गैंगस्टरों के नेटवर्क को ध्वस्त करने, जबरन वसूली (एक्सटॉर्शन) और फायरिंग जैसी घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए क्राइम ब्रांच, ऑपरेशन सेल और डिस्ट्रिक्ट क्राइम सेल की टीमों को भी इस मिशन पर लगाया गया था।

गैंगस्टर नेटवर्क को तोड़ने की कोशिश

पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक, पकड़े गए आरोपियों से लगातार पूछताछ की जा रही है। जांच एजेंसियां अब इस बात का पता लगाने में जुटी हैं कि इस सिंडिकेट के तार सीमा-पार बैठे किन बड़े तस्करों या आतंकी नेटवर्क से जुड़े हैं और इस नकली करंसी व हथियारों का इस्तेमाल आगामी दिनों में कहाँ किया जाना था। इस कामयाबी को चंडीगढ़ और पंजाब पुलिस की एक बड़ी रणनीतिक जीत माना जा रहा है।

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