चंडीगढ़: पंजाब सरकार ने दिवाली से पहले प्रदेश के डॉक्टरों को बड़ा तोहफा देते हुए उनकी वेतन वृद्धि और पदोन्नति की प्रमुख मांग पूरी कर दी है। नए आदेशों के तहत, डॉक्टरों का वेतन अब हर पांच साल बाद बढ़ेगा। इस फैसले के लिए पंजाब मेडिकल सिविल सर्विसेज एसोसिएशन (PCMSA) ने लंबा संघर्ष किया था।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, प्रदेश में तैनात 2500 डॉक्टरों को इस फैसले का लाभ 1 जनवरी 2025 से मिलेगा। वित्त विभाग ने इसे पहले ही मंजूरी दे दी थी। कोविड महामारी के दौरान डॉक्टरों की वेतन बढ़ोतरी पर रोक लग गई थी, जिसके बाद अब दोबारा से ‘संशोधित सुनिश्चित कॅरिअर प्रगति’ योजना को लागू किया गया है।
जारी किए गए आदेशों के अनुसार, डॉक्टरों का वेतन अब तीन पड़ावों में बढ़ेगा। नियुक्ति के समय डॉक्टरों का मूल वेतन 56,100 रुपये होगा। पांच साल की सेवा पूरी करने के बाद, पहले पड़ाव में उनका वेतन बढ़कर 67,400 रुपये हो जाएगा। इसके बाद, 10 साल की नौकरी पूरी होने पर दूसरे पड़ाव में वेतन 83,600 रुपये तक पहुंच जाएगा। अंत में, 15 साल की सेवा पूरी करने के उपरांत, तीसरे पड़ाव में डॉक्टरों का वेतन बढ़कर 1,22,800 रुपये हो जाएगा।
एसोसिएशन के प्रधान अखिल सरीन ने सरकार के इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि वे पिछले काफी समय से इस मांग को लेकर संघर्ष कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सरकार ने पहला केस मंजूर कर दिया है और जल्द ही योग्य डॉक्टरों की पदोन्नति के आदेश भी जारी हो जाएंगे। उन्होंने विश्वास जताया कि इस कदम से सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की संख्या बढ़ेगी, जिससे राज्य में स्वास्थ्य सेवाएं और भी बेहतर होंगी।
