इंडिगो संकट: पंजाब सरकार ने यात्रियों के लिए खोला मोर्चा, हवाई अड्डे पर 24×7 कंट्रोल रूम स्थापित

Punjab

चंडीगढ़/ साहिबजादा अजीत सिंह नगर : देश में चल रहे इंडिगो संकट के मद्देनज़र, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने यात्रियों की सुविधा सुनिश्चित करने के लिए 24×7 कंट्रोल रूम स्थापित कर शहीद भगत सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर किसी भी प्रकार की समस्या न आने देने हेतु कदम उठाए हैं।

पंजाब शहरी उड्डयन विभाग की सचिव सोनाली गिरि ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देशों के तहत राज्य सरकार यात्रियों को न्यूनतम असुविधा हो, इसके लिए वचनबद्ध है। इस संदर्भ में स्थिति को सुचारू करने के लिए उन्होंने हवाई अड्डा प्राधिकरण, सी आई एस ऍफ़ और एयरलाइन कंपनियों के साथ विस्तृत चर्चा की।

सचिव शहरी उड्डयन ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशों अनुसार इंडिगो उड़ानों में देरी/रद्द होने से प्रभावित यात्रियों की सुविधा के लिए कंट्रोल रूम तुरंत शुरू कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि रिफंड एवं री-शेड्यूलिंग, सामान की डिलीवरी और उड़ानों से जुड़े रीयल टाइम अपडेट उपलब्ध कराने हेतु ड्यूटी टर्मिनल मैनेजर के कार्यालय में एक कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। श्रीमती सोनाली गिरि ने कहा कि टीमें उड़ान संचालन, देरी, रद्दीकरण और सामान से जुड़े मुद्दों की निरंतर निगरानी कर, समय पर सहायता सुनिश्चित कर रही हैं।

उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की सहायता के लिए यात्री हेल्पलाइन नंबर 95010-15832 पर संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा, लोग एयरपोर्ट अथॉरिटी के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल, विशेषकर @ixcairport, पर भी अपने सवालों के जवाब प्राप्त कर सकते हैं। इसी तरह यात्री अपनी समस्याओं के समाधान हेतु इंडिगो एयरलाइंस के 92899-38532, एयर इंडिया के 88001-97833 / 0172-2242201, एयर इंडिया एक्सप्रेस के 92055-08549, और अलायंस एयर के 98184-28648 नंबरों पर भी संपर्क कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि इंडिगो उड़ानों में व्यवधान के दौरान यात्री सुविधा सुनिश्चित करना ही सरकार का मुख्य उद्देश्य है।

सचिव ने समय पर रिफंड, री-शेड्यूलिंग, सामान की डिलीवरी और केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए शिकायतों के तत्काल निपटारे पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि इंडिगो एयरलाइन के पास लगभग 30 यात्रियों के बैग/लग्गेज हैं, जिन्हें यात्रियों के पते पर निःशुल्क भेजा जाएगा। श्रीमती सोनाली गिरि ने कहा कि एयरलाइन यह भी सुनिश्चित करेगी कि उड़ान रद्द होने की जानकारी यात्रियों को उड़ान समय से कम से कम 10 घंटे पहले दे दी जाए।

हवाई टिकटों के किराए की सीमा निर्धारित करने संबंधी भारत सरकार के दिशा-निर्देशों पर चर्चा करते हुए सचिव ने बताया कि यह पहले ही लागू किया जा चुका है ताकि यात्रियों का किसी भी प्रकार से शोषण न हो सके। उन्होंने कहा कि इस संकट के दौरान टैक्सी ऑपरेटरों और होटलों द्वारा यात्रियों से किसी भी प्रकार की मनमानी वसूली बर्दाश्त नहीं की जाएगी और राज्य सरकार इस पर कड़ी नजर रख रही है। उन्होंने बताया कि हवाई अड्डा प्राधिकरण और राज्य सरकार द्वारा यात्रियों की दवाइयों, भोजन एवं अन्य जरूरतों का भी ध्यान रखा जा रहा है।

सचिव ने आगे बताया कि हवाई अड्डे के नज़दीक स्थित टू-टियर, थ्री-टियर एवं अन्य होटलों की सूची भी राज्य सरकार द्वारा साझा की जाएगी ताकि बाहरी यात्रियों को किसी तरह की असुविधा न हो। उन्होंने उम्मीद जताई कि स्थिति जल्द ही सामान्य हो जाएगी क्योंकि सरकार ने इस संबंध में पहले ही कड़े कदम उठाए हैं। श्रीमती सोनाली गिरि ने लोगों से अपील की कि वे किसी भी प्रकार की घबराहट में न आएं और विश्वास दिलाया कि राज्य सरकार उनके हितों की रक्षा हेतु हर संभव कदम उठा रही है।

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