भिवानी। शहर के शांतिनगर इलाके में लिव-इन रिलेशनशिप में रह रही एक युवती की मौत का मामला सामने आया है। युवती की मौत के बाद उसके मायके पक्ष और लिव-इन पार्टनर के बीच विवाद गहरा गया है। मायके वालों ने युवक व उसके परिवार पर प्रताड़ना और सही इलाज न कराने का आरोप लगाया है, जबकि युवक ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है।
क्या है पूरा मामला?
शांतिनगर निवासी अंकित का कहना है कि वह पिछले करीब 2 वर्षों से साक्षी के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहा था और उनका एक 9 महीने का बेटा भी है। अंकित के मुताबिक, साक्षी को टीबी (TB) की बीमारी थी, जिसका इलाज रोहतक पीजीआई में चल रहा था। अंकित ने अपने बचाव में कहा कि साक्षी अपने परिवार वालों के डर से उनके साथ रह रही थी, क्योंकि उसका परिवार उसके साथ मारपीट करता था।
मायके पक्ष के आरोप
वहीं, मृतका के परिजनों का आरोप है कि अंकित और उसका परिवार पिछले दो सालों से साक्षी को मानसिक व शारीरिक रूप से प्रताड़ित कर रहा था। परिजनों का दावा है कि युवती को न तो सही खाना दिया जाता था और न ही समय पर उसका इलाज करवाया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अंकित का परिवार साक्षी पर दबाव बनाता था कि वह अपने बच्चे को छोड़कर चली जाए। परिवार ने बताया कि इस मामले को लेकर उन्होंने पहले कोर्ट में केस भी किया था।
पुलिस की कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है। जांच अधिकारी एएसआई रमेश कुमार ने बताया कि मृतका के भाई के बयान के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया है।
अधिकारी ने स्पष्ट किया कि “पोस्टमार्टम रिपोर्ट में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”