फरीदकोट। पंजाब की सियासत में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। फरीदकोट पुलिस ने शिरोमणि अकाली दल के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और हलका इंचार्ज परमबंस सिंह ‘बंटी रोमाणा’ समेत कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। यह कार्रवाई रिटर्निंग ऑफिसर-सह-एसडीएम की आधिकारिक शिकायत के बाद की गई है, जिसमें अकाली नेता पर सरकारी काम में बाधा डालने के आरोप लगाए गए हैं।
नामांकन जांच के दौरान हुआ था विवाद
मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरा विवाद नगर काउंसिल चुनाव प्रक्रिया के दौरान शुरू हुआ:
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तारीख और घटना: 18 मई को एसडीएम कार्यालय में उम्मीदवारों के नामांकन पत्रों (नॉमिनेशन पेपर्स) की जांच चल रही थी।
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देरी से बढ़ा तनाव: विभिन्न सरकारी विभागों से रिपोर्ट आने में हो रही देरी और उम्मीदवारों की भारी संख्या के कारण यह जांच प्रक्रिया पहले से ही काफी लंबी खिंच चुकी थी।
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बहस और हंगामा: इसी बीच अकाली नेता बंटी रोमाणा अपने समर्थकों के साथ एसडीएम दफ्तर पहुंचे। आरोप है कि वहां उनकी स्टाफ और सुरक्षा कर्मियों के साथ तीखी बहस हुई और उन्होंने कथित तौर पर ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों को धमकियां भी दीं।
इसी शिकायत के आधार पर सिटी फरीदकोट थाना पुलिस ने बंटी रोमाणा और अन्य अज्ञात समर्थकों के खिलाफ सरकारी काम में बाधा डालने सहित विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।
फरीदकोट की राजनीति में बढ़ा तनाव
इस ताजा पुलिस कार्रवाई के बाद फरीदकोट का राजनीतिक माहौल और ज्यादा तनावपूर्ण हो गया है। दरअसल, इससे ठीक एक दिन पहले शिरोमणि अकाली दल के जिला अध्यक्ष सतीश ग्रोवर की गिरफ्तारी को लेकर भी क्षेत्र में काफी हंगामा हुआ था। ग्रोवर की गिरफ्तारी के विरोध में अकाली दल के कार्यकर्ताओं ने सिटी पुलिस स्टेशन के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया था, जिसमें खुद पार्टी अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल भी शामिल हुए थे। अब बंटी रोमाणा पर केस दर्ज होने से अकाली दल और प्रशासन के बीच टकराव और बढ़ने के आसार हैं।