चंडीगढ़ का बदलेगा स्वरूप: मास्टर प्लान-2031 के नए ड्राफ्ट को मंजूरी, हाईराइज बिल्डिंग्स और पार्किंग पर रहेगा फोकस

चंडीगढ़। आने वाले वर्षों में ‘द सिटी ब्यूटीफुल’ चंडीगढ़ का नक्शा पूरी तरह बदला हुआ नजर आ सकता है। चंडीगढ़ प्रशासन ने शहर के आधुनिक विकास और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए मास्टर प्लान-2031 में बड़े बदलावों का एक नया ड्राफ्ट जारी किया है। इन प्रस्तावित संशोधनों को पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया की हरी झंडी मिल चुकी है। प्रशासन का कहना है कि इन बदलावों का मुख्य उद्देश्य जमीन का बेहतर इस्तेमाल करना और शहर की बढ़ती आबादी की मांग को पूरा करना है।

वर्टिकल डेवलपमेंट: अब हाईराइज और ग्रुप हाउसिंग पर जोर

बढ़ती आबादी के दबाव को संभालने के लिए प्रशासन अब ‘वर्टिकल डेवलपमेंट’ (ऊंचाई की ओर विकास) की नीति अपना रहा है:

  • नए आवासीय प्रोजेक्ट्स: ड्राफ्ट के अनुसार, अब शहर में हाईराइज सरकारी हाउसिंग, ग्रुप हाउसिंग और कमर्शियल गतिविधियों को तेजी से बढ़ावा दिया जाएगा।

  • फेज-2 और फेज-3 पर फोकस: विशेष रूप से फेज-2, फेज-3 और चंडीगढ़ के बाहरी इलाकों में ज्यादा से ज्यादा आवासीय यूनिट्स (फ्लैट्स) विकसित करने की योजना तैयार की गई है।

पार्किंग संकट का परमानेंट इलाज और खाली जमीन का इस्तेमाल

चंडीगढ़ में लगातार बढ़ रही गाड़ियों की संख्या और पार्किंग की किल्लत को दूर करने के लिए ड्राफ्ट में कड़े कदम उठाए गए हैं:

  • स्मार्ट पार्किंग व्यवस्था: अब नए प्रोजेक्ट्स और बिल्डिंग्स में स्टिल्ट और बेसमेंट पार्किंग का प्रावधान अनिवार्य करने का प्रस्ताव है, ताकि सड़कों पर गाड़ियों का जमावड़ा कम हो सके।

  • आर्थिक गतिविधियों को रफ्तार: इंडस्ट्रियल एरिया फेज-3, आईटी हब और मिक्स्ड लैंड यूज कॉरिडोर में खाली पड़ी जमीनों का बेहतर इस्तेमाल किया जाएगा, जिससे शहर में नया निवेश आकर्षित हो सके।

सेक्टर-43 और विकास मार्ग बनेंगे नए हब, बढ़ेगा FAR

  • मिक्स्ड लैंड यूज कॉरिडोर: सेक्टर-43 सब सिटी सेंटर और विकास मार्ग के आसपास रिहायशी (Residential) और व्यावसायिक (Commercial) गतिविधियां एक साथ चल सकेंगी। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर मिलेंगे और ट्रैफिक का दबाव भी कम होगा।

  • इंडस्ट्रियल एरिया में ज्यादा निर्माण: बिजनेस, स्टार्टअप्स और कॉर्पोरेट सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए इंडस्ट्रियल एरिया में FAR (फ्लोर एरिया रेशियो) बढ़ाने का प्रस्ताव रखा गया है।

  • संस्थानों का अपग्रेडेशन: स्कूल, कॉलेज, अस्पताल और हॉस्टल जैसे सार्वजनिक संस्थानों के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए नए विकास मानक तय किए गए हैं।

विरासत भी रहेगी सुरक्षित; 21 दिनों में मांगे सुझाव

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि चंडीगढ़ की ऐतिहासिक और हेरिटेज पहचान, विशेषकर फेज-1 के सेक्टरों की मूल प्लानिंग के साथ कोई छेड़छाड़ नहीं की जाएगी। आधुनिक विकास और ऐतिहासिक पहचान के बीच संतुलन बनाए रखा जाएगा।

आम जनता के लिए मौका: प्रशासन ने इस ड्राफ्ट पर आम जनता और स्टेकहोल्डर्स से सुझाव और आपत्तियां मांगी हैं। लोग 21 दिनों के भीतर अपने सुझाव और विचार चीफ आर्किटेक्ट ऑफिस में जाकर या ईमेल के माध्यम से दर्ज करा सकते हैं।

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