चंडीगढ़/जालंधर: जालंधर के अंबेडकर नगर में बसे करीब 700-800 घरों पर मंडरा रहे उजाड़ के खतरे को लेकर कांग्रेस विधायक और पूर्व मंत्री पद्मश्री परगट सिंह ने सख्त रुख अपना लिया है। उन्होंने दो टूक कहा है कि कांग्रेस पार्टी इन परिवारों को किसी भी कीमत पर उजड़ने नहीं देगी और उन्हें कानूनी सहायता समेत हर संभव मदद मुहैया कराई जाएगी।
मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की मांग
परगट सिंह ने मुख्यमंत्री भगवंत मान से इस गंभीर मामले में व्यक्तिगत हस्तक्षेप की अपील की है। उन्होंने कहा कि वह जल्द ही इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री से मुलाकात करेंगे ताकि दशकों से बसे इन लोगों को न्याय मिल सके।
कांग्रेस की ‘मालिकाना हक’ पॉलिसी का दिया हवाला
पूर्व शिक्षा मंत्री ने पिछली कांग्रेस सरकार की नीति को याद दिलाते हुए कहा:
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12 साल का नियम: कांग्रेस सरकार ने नीति बनाई थी कि जो लोग 12 साल से अधिक समय से काबिज हैं, उनसे मामूली शुल्क लेकर उन्हें मालिकाना हक दिया जाए।
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‘आप’ पर निशाना: परगट सिंह ने आरोप लगाया कि मौजूदा आम आदमी पार्टी सरकार ने इस जन-हितैषी पॉलिसी को आगे नहीं बढ़ाया, जिसके कारण आज हजारों लोग बेघर होने की कगार पर हैं।
70 साल का बसेरा, खून-पसीने की कमाई
परगट सिंह ने भावुक अपील करते हुए कहा कि यह सिर्फ जमीन का टुकड़ा नहीं, बल्कि हजारों लोगों की भावनाओं और मेहनत से जुड़ा मामला है।
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लोग यहाँ पिछले 70 सालों से बसे हुए हैं।
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कई लोगों ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घर बनाए हैं, जबकि अन्य ने अपनी जीवन भर की जमापूंजी लगा दी है।
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उन्होंने कहा, “मैं अवैध कब्जों का समर्थन नहीं करता, लेकिन दशकों से रह रहे परिवारों को उजाड़ना सरासर अन्याय है।”
“न्याय मिलने तक कांग्रेस इन परिवारों के साथ चट्टान की तरह खड़ी है। हम अंबेडकर नगर का हाल लतीफपुरा जैसा नहीं होने देंगे।” — परगट सिंह
