मोहाली: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के ‘स्वस्थ पंजाब’ के सपने को साकार करने की दिशा में राज्य सरकार ने निजी अस्पतालों के सामने एक बड़ा प्रस्ताव रखा है। प्रगतिशील पंजाब निवेशक सम्मेलन (पीपीआईएस) 2026 के दूसरे दिन स्वास्थ्य सेवाओं पर आयोजित सत्र के दौरान पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने निजी अस्पतालों से आह्वान किया कि वे अपनी कुल क्षमता का कम से कम 20 प्रतिशत बेड सरकारी योजनाओं के अंतर्गत आने वाले मरीजों के लिए आरक्षित रखें।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य देखभाल में ग्रामीण और शहरी अंतर को खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने जानकारी दी कि पंजाब में अब तक 883 आम आदमी क्लीनिक स्थापित किए जा चुके हैं, जिनमें से 565 ग्रामीण और 318 शहरी क्षेत्रों में कार्यरत हैं। डॉ. बलबीर सिंह ने जोर देकर कहा कि सरकार का उद्देश्य राज्य के हर सुदूर इलाके तक विश्व स्तरीय चिकित्सा सुविधाएं पहुँचाना है।
कॉर्पोरेट अस्पतालों को सरकारी उद्देश्यों से जोड़ते हुए मंत्री ने स्पष्ट किया कि 20 प्रतिशत बेड का आरक्षण अस्पतालों के लिए घाटे का सौदा नहीं होगा। उन्होंने कहा, “जरूरी नहीं कि ये सेवाएं पूरी तरह मुफ्त हों। अस्पताल इन मरीजों का इलाज कर सरकारी स्वास्थ्य बीमा योजनाओं के माध्यम से अपनी राशि की प्रतिपूर्ति (Reimbursement) प्राप्त कर सकते हैं। इससे जरूरतमंदों को इलाज मिलेगा और अस्पतालों की वित्तीय स्थिति पर भी बुरा असर नहीं पड़ेगा।”
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव कुमार राहुल ने निवेशकों को पंजाब आने का न्योता देते हुए कहा कि राज्य में स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए बेहद अनुकूल माहौल है। सरकार जमीन, नीतिगत सहायता, वित्तीय प्रोत्साहन और त्वरित मंजूरी (Fast-track approval) सुनिश्चित कर रही है। सत्र में फोर्टिस, अपोलो और होमी भाभा कैंसर अस्पताल जैसे बड़े संस्थानों के दिग्गजों ने भी हिस्सा लिया और पंजाब के स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने पर विचार साझा किए।