चंडीगढ़: हरियाणा के ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने प्रदेश की बिजली व्यवस्था को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने अधिकारियों को दोटूक चेतावनी दी है कि अब निर्धारित समय से अधिक बिजली कटौती बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विज ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि शहरी क्षेत्रों में अधिकतम 2 घंटे और ग्रामीण इलाकों में 4 घंटे से ज्यादा बिजली आपूर्ति बाधित नहीं होनी चाहिए।
लापरवाही पर निलंबन की चेतावनी
ऊर्जा मंत्री ने कहा कि यदि किसी क्षेत्र में तय सीमा से अधिक बिजली कट लगती है, तो इसके लिए सीधे तौर पर संबंधित अधिकारी, विशेषकर अधीक्षण अभियंता (SE), जिम्मेदार होंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि नियमों के उल्लंघन या लापरवाही पाए जाने पर अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, जिसमें निलंबन (Suspension) तक शामिल है।
मेंटेनेंस और बुनियादी ढांचे के लिए निर्देश:
बिजली आपूर्ति को सुचारू रखने के लिए मंत्री ने निम्नलिखित प्रमुख निर्देश जारी किए हैं:
-
त्वरित मरम्मत: ट्रांसफार्मर खराब होने पर उन्हें तुरंत बदलने या मरम्मत करने के आदेश दिए गए हैं।
-
संसाधनों की उपलब्धता: मेंटेनेंस स्टाफ के पास हमेशा जरूरी उपकरण, सुरक्षा साधन और ट्रांसफार्मर ट्रॉली मौजूद होनी चाहिए।
-
जलभराव से बचाव: भविष्य में बनने वाले सभी बिजली सब-स्टेशनों को जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर बनाया जाए। यदि मजबूरी हो, तो सब-स्टेशन का निर्माण संभावित जलस्तर से कम से कम दो फुट की ऊंचाई पर किया जाए।
-
NOC अनिवार्य: निर्माण से पहले संबंधित विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) लेना अनिवार्य होगा।