अमृतसर। आम आदमी पार्टी (AAP) के प्रदेश मुख्य प्रवक्ता, विधायक और पूर्व मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल ने अजनाला क्षेत्र में विभिन्न पेट्रोल पंपों पर औचक निरीक्षण (Surprise Inspection) किया। इस छापेमारी में उनके साथ जिला खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति नियंत्रक सुखजिंदर सिंह और तौल व माप निरीक्षक गगनदीप सिंह सहित विभागीय अधिकारियों की एक विशेष टीम मौजूद रही। इस दौरान पेट्रोल में एथेनॉल की मात्रा की जांच करने के लिए मौके पर ही ईंधन के कई नमूने (Samples) लिए गए।
“एथेनॉल वाले पेट्रोल से खराब हो रहे वाहनों के इंजन”
विधायक कुलदीप धालीवाल ने इस औचक निरीक्षण की वजह बताते हुए केंद्र सरकार की नीतियों पर जमकर निशाना साधा। उनके बयान के मुख्य बिंदु इस प्रकार रहे:
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उपभोक्ताओं को आर्थिक नुकसान: धालीवाल ने कहा कि पेट्रोल में अत्यधिक एथेनॉल मिलाए जाने के कारण दोपहिया और चार पहिया वाहनों के इंजन और उनके मुख्य पुर्जों में खराबी आने की लगातार शिकायतें मिल रही हैं। इससे आम गाड़ी मालिकों को हजारों रुपये का आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है।
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कॉर्पोरेट को फायदा पहुंचाने का आरोप: उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार बड़ी पेट्रोलियम कंपनियों और चुनिंदा कारोबारियों को मुनाफा पहुंचाने के लिए ऐसी नीतियां लागू कर रही है, जबकि महंगाई की मार झेल रहे मध्यम वर्ग, छोटे व्यापारियों और कर्मचारियों के हितों की पूरी तरह अनदेखी की जा रही है।
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विदेशी तकनीक से तुलना गलत: केंद्र सरकार के उस तर्क को खारिज करते हुए, जिसमें विदेशों में अधिक एथेनॉल मिश्रण का हवाला दिया जाता है, धालीवाल ने कहा कि भारत और विदेशों के वाहनों की तकनीक और सड़कों की स्थिति में जमीन-आसमान का अंतर है। इसलिए दोनों देशों की परिस्थितियों की तुलना करना पूरी तरह गलत है।
कीमतें कम करने की मांग
इस कार्रवाई के दौरान विधायक धालीवाल ने आम जनता को राहत देने के लिए केंद्र सरकार के सामने कुछ प्रमुख मांगें भी रखीं:
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दामों में हो कटौती: अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में आई भारी गिरावट का लाभ सीधे देश की जनता को दिया जाए।
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गैस और ईंधन हो सस्ता: पेट्रोल, डीजल के साथ-साथ घरेलू और व्यावसायिक रसोई गैस सिलेंडरों के दाम तत्काल कम किए जाएं। यदि सरकार नई राहत नहीं दे सकती, तो कम से कम पुरानी कीमतें बहाल करके जनता को महंगाई से तुरंत निजात दिलाए।
विभाग के अधिकारियों का कहना है कि लिए गए नमूनों को जांच के लिए लैब भेजा जा रहा है, और रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।



