SPORTS DESK : फीफा विश्व कप 2026 के राउंड ऑफ-16 में स्पेन के खिलाफ मुकाबला क्रिस्टियानो रोनाल्डो के लिए किसी बुरे सपने से कम नहीं रहा। पुर्तगाल की 0-1 से हार के साथ ही उनका विश्व कप अभियान भी समाप्त हो गया। इस मैच में रोनाल्डो ने ऐसा अनचाहा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया, जो उनके लंबे अंतरराष्ट्रीय करियर में पहली बार देखने को मिला। ईएसपीएन की रिपोर्ट के मुताबिक, 40 वर्षीय रोनाल्डो पूरे 90 मिनट मैदान पर रहे, लेकिन एक भी शॉट नहीं लगा सके। विश्व कप में यह पहला मौका है जब उन्होंने किसी मैच में गोल की ओर एक भी प्रयास नहीं किया। इससे पहले अपने सभी विश्व कप मुकाबलों में रोनाल्डो कम से कम एक शॉट जरूर लगाते रहे थे।
स्पेन ने पूरे मैच में गेंद पर नियंत्रण बनाए रखा और पुर्तगाल के आक्रमण को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। रोनाल्डो को कई बार गेंद मिली, लेकिन स्पेनिश डिफेंडरों की सख्त मार्किंग और मिडफील्ड के दबाव के कारण वह कोई प्रभाव नहीं छोड़ सके। मैच के अंतिम क्षणों तक भी पुर्तगाल बराबरी का गोल नहीं कर पाया और टीम को 0-1 से हार का सामना करना पड़ा। आंकड़ों के अनुसार, इस विश्व कप में रोनाल्डो का प्रदर्शन उनके पिछले अभियानों की तुलना में काफी फीका रहा। जहां लियोनेल मेसी, रोमेलू लुकाकू और अन्य स्टार खिलाड़ी नॉकआउट मुकाबलों में निर्णायक भूमिका निभा रहे हैं, वहीं रोनाल्डो का यह प्रदर्शन उनके प्रशंसकों के लिए निराशाजनक रहा।
इस हार के साथ पुर्तगाल विश्व कप से बाहर हो गया। माना जा रहा है कि यह क्रिस्टियानो रोनाल्डो का आखिरी फीफा विश्व कप था। मैच के बाद स्टेडियम में मौजूद हजारों प्रशंसकों ने खड़े होकर उनका अभिवादन किया, जबकि सोशल मीडिया पर भी उनके शानदार करियर को लेकर भावुक प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। हालांकि, रोनाल्डो का नाम विश्व फुटबॉल के महानतम खिलाड़ियों में हमेशा शामिल रहेगा। लेकिन स्पेन के खिलाफ यह मुकाबला उनके विश्व कप करियर के सबसे कठिन और निराशाजनक मैचों में दर्ज हो गया।



