गूगल सर्च से खुला राज: लोहगढ़ खाई हादसे में आरोपी की इंटरनेट हिस्ट्री खंगाल रही पुलिस

पुणे: पुणे के प्रसिद्ध लोहगढ़ किले की 400 फीट गहरी खाई में धकेल कर की गई केतन अग्रवाल की कथित हत्या के मामले में पुलिस जांच में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, मुख्य आरोपी सिया गोयल के बेडरूम से एक छुपाकर रखा गया दूसरा मोबाइल फोन बरामद हुआ है। पुलिस का दावा है कि इस डिजिटल डेटा और इंटरनेट सर्च हिस्ट्री के जरिए इस पूरी कथित साजिश का पर्दाफाश हुआ है। फिलहाल दोनों आरोपी आगामी 16 जुलाई तक यरवदा जेल में न्यायिक हिरासत में हैं।

इंटरनेट सर्च हिस्ट्री से मिले अहम सुराग: पुलिस का दावा

पुलिस द्वारा की गई दोनों मोबाइल फोनों की शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि आरोपी सिया वारदात से पहले इंटरनेट पर कई संवेदनशील चीजें सर्च कर रही थी:

  • ‘राजा रघुवंशी केस’ की स्टडी: पुलिस के अनुसार, सिया इंटरनेट पर जून 2025 में मेघालय में हुए इंदौर के कारोबारी राजा रघुवंशी हत्याकांड के पैटर्न का लगातार अध्ययन कर रही थी, जिसमें पत्नी पर प्रेमी के साथ मिलकर पति को खाई में गिराने का आरोप है।

  • कानूनी प्रक्रिया का डर: सर्च हिस्ट्री से यह भी सामने आया है कि उसने गूगल पर सर्च किया था कि “क्या पुलिस कस्टडी में महिलाओं को भी पीटा जाता है?” पुलिस इसे अपराध से पहले पकड़े जाने के डर और तैयारी के रूप में देख रही है।

दूसरा मोबाइल और कोड वर्ड का इस्तेमाल

  • गुप्त फोन बरामद: पुलिस जांच टीम जब आरोपी को साक्ष्य जुटाने के लिए उसके घर ले गई, तो बेडरूम से एक अन्य छुपाया हुआ फोन मिला, जिसे फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है।

  • बॉयफ्रेंड की भूमिका: मामले के दूसरे आरोपी और सिया के कथित बॉयफ्रेंड चेतन चौधरी पर आरोप है कि वह एक ही फोन में दो अलग-अलग सिम कार्ड का उपयोग कर रहा था। पुलिस का दावा है कि दोनों आपस में संवाद करने के लिए ‘कोड वर्ड्स’ का इस्तेमाल करते थे।

घटना के बाद का व्यवहार और 19 दिनों की कथित प्लानिंग

पुलिस रिमांड रिपोर्ट के अनुसार, 18 जून को कथित वारदात को अंजाम देने के अगले ही दिन (19 जून) मुख्य आरोपी सिया ने मृतक केतन के घर जाकर उसके पिता से मुलाकात की और सांत्वना व्यक्त की थी। गिरफ्तारी (23 जून) तक दोनों आरोपियों का व्यवहार बिल्कुल सामान्य था।

पुलिस के अनुसार, इस पूरी घटना की रूपरेखा करीब 19 दिनों में तैयार की गई थी:

  • 31 मई (शुरुआती विचार): दोनों लोहगढ़ किला घूमने गए थे, जहां पुलिस के मुताबिक पहली बार कथित साजिश की नींव पड़ी।

  • पासपोर्ट छिपाने का आरोप: दोनों का बाली (इंडोनेशिया) जाने का कार्यक्रम था, लेकिन कथित तौर पर सिया ने केतन का पासपोर्ट छिपा दिया ताकि ट्रिप रद्द हो सके और वे लोहगढ़ जा सकें।

  • 14 जून (पहला कथित प्रयास): पुलिस का आरोप है कि इस दिन भी आरोपी ने केतन को धक्का देने का प्रयास किया था, लेकिन केतन ने पेड़ की डाली पकड़ ली। उस समय आरोपी ने ‘सांप से बचाने’ का बहाना बनाकर बात टाल दी थी।

  • 18 जून (वारदात का दिन): केतन ने 19 जून को सिया का जन्मदिन मनाने के लिए महाबलेश्वर में बुकिंग की थी, लेकिन उससे पहले 18 जून को ‘प्री-वेडिंग फोटोशूट’ के बहाने उसे दोबारा लोहगढ़ किला ले जाया गया, जहां यह कथित घटना हुई।

क्या है संदर्भ? (राजा रघुवंशी मामला)

जिस राजा रघुवंशी मामले का जिक्र पुलिस जांच में आया है, वह जून 2025 का है। इंदौर के व्यवसायी राजा रघुवंशी की मेघालय की एक खाई में गिरने से मौत हो गई थी, जिसमें उनकी पत्नी सोनम रघुवंशी और उनके प्रेमी को आरोपी बनाया गया है। वर्तमान में सोनम को मेघालय हाई कोर्ट से जमानत मिली हुई है, जिसे पीड़ित परिवार ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है।

पुलिस का अगला कदम: पुणे पुलिस के अनुसार, इस मामले को कोर्ट में मजबूती से पेश करने के लिए डिजिटल साक्ष्यों, फॉरेंसिक रिपोर्ट और चश्मदीदों के बयानों को संकलित किया जा रहा है, ताकि कानूनी प्रक्रिया के तहत आरोपियों को सख्त सजा दिलाई जा सके।

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