चंडीगढ़: पंजाब कांग्रेस में जारी अंदरूनी खींचतान और गुटबाजी की खबरों के बीच प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग का एक बड़ा बयान सामने आया है। संकट के समाधान की उम्मीद जताते हुए वडिंग ने साफ किया है कि उनके लिए पद से बड़ा पार्टी का हित है। इन तमाम सियासी चर्चाओं के बीच, राजा वडिंग प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में लगातार सक्रिय हैं और पार्टी कार्यकर्ताओं, यूथ कांग्रेस के जिला अध्यक्षों और पदाधिकारियों से मुलाकात कर फाइलों व संगठनात्मक दस्तावेजों को निपटा रहे हैं।
जब राजा वडिंग से पूछा गया कि क्या पार्टी के भीतर चल रही अंदरूनी कलह आज खत्म हो जाएगी, तो उन्होंने बेहद भावुक और कड़ा बयान दिया।
“पार्टी के लिए कुछ भी कुर्बान करने को तैयार”
राजा वडिंग ने एकजुटता का संदेश देते हुए कहा:
“मैंने बार-बार कहा है कि मैं कांग्रेस के लिए कुछ भी कुर्बान करने को तैयार हूँ, चाहे वह अध्यक्ष का पद ही क्यों न हो। अगर पार्टी के हित में जरूरी हुआ, तो मैं इसे तुरंत छोड़ दूंगा। कल भी मैंने कहा था कि मैं (पार्टी की एकजुटता के लिए) किसी के भी जूते अपने सिर पर रखने को तैयार हूँ। मुझे पद का कोई लालच नहीं है।”
सुलह की कोशिशें तेज, भूपेश बघेल संभाल रहे मोर्चा
वडिंग ने उम्मीद जताई कि आज इस पूरे विवाद का कोई न कोई सकारात्मक समाधान निकल आएगा। उन्होंने बताया कि जहाँ एक तरफ वे खुद दफ्तर में बैठकर जनता और कार्यकर्ताओं से मिल रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) द्वारा नियुक्त वरिष्ठ नेता भूपेश बघेल भी पार्टी के विभिन्न नेताओं और कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर फीडबैक ले रहे हैं।



