अमृतसर: अमृतसर के जंडियाला गुरु में एक घर पर हुई अंधाधुंध फायरिंग के मामले में पंजाब पुलिस ने बड़ी कामयाबी हासिल की है। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए मुख्य आरोपी को महज 36 घंटे के भीतर दबोच लिया। गिरफ्तारी के दौरान आरोपी ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर भागने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस की जवाबी कार्रवाई (क्रॉस-फायरिंग) में वह घायल हो गया।
नाकाबंदी के दौरान पुलिस पर दागीं गोलियां
गिरफ्तार आरोपी की पहचान ज्योतिसर निवासी लवप्रीत सिंह उर्फ रूपी के रूप में हुई है। घटना का विवरण इस प्रकार है:
-
गुप्त सूचना पर एक्शन: थाना जंडियाला गुरु पुलिस को आरोपी के मूवमेंट की गुप्त सूचना मिली थी, जिसके बाद जानियां मोड़ के पास विशेष नाकाबंदी की गई।
-
मुठभेड़ और गिरफ्तारी: बाइक पर आ रहे लवप्रीत को जब पुलिस ने रुकने का इशारा किया, तो उसने रुकने के बजाय पुलिस टीम पर गोलियां चला दीं।
-
जवाबी कार्रवाई: पुलिस ने आत्मरक्षार्थ जवाबी फायरिंग की, जिसमें एक गोली आरोपी के बाएं पैर में लगी। घायल आरोपी को तुरंत काबू कर अस्पताल में भर्ती कराया गया।
पिस्टल, कारतूस और बाइक बरामद
पुलिस ने मुठभेड़ स्थल से वारदात में इस्तेमाल की गई चीजें बरामद की हैं:
-
एक .30 बोर की अवैध पिस्टल और मैगजीन
-
3 जिंदा कारतूस
-
वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल
अपराधिक इतिहास: पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, लवप्रीत सिंह उर्फ रूपी एक शातिर अपराधी है और उसके खिलाफ पहले से ही 9 आपराधिक मामले दर्ज हैं।
जेल की रंजिश के कारण हुई थी फायरिंग
शुरुआती पूछताछ में इस सनसनीखेज फायरिंग के पीछे की वजह सामने आई है:
-
जेल का विवाद: अमृतसर जिला जेल में बंद बलजीत सिंह उर्फ भुल्ली और साजन उर्फ काना के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था।
-
बाहर बदला: जेल के इसी झगड़े का बदला लेने के लिए साजन ने जेल के बाहर मौजूद अपने गुर्गों (लवप्रीत और साथियों) के जरिए जंडियाला गुरु के शेखूपुरा मोहल्ले में एक घर पर फायरिंग करवाई थी।
आगे की कार्रवाई: पुलिस ने इस मामले में कई अन्य आरोपियों को भी नामजद किया है। फरार अपराधियों को पकड़ने के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है और पुलिस का दावा है कि जल्द ही सभी सलाखों के पीछे होंगे।



