नई दिल्ली: 15 वर्षीय युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी के लिए इंटरनेशनल क्रिकेट की शुरुआत उम्मीद के मुताबिक नहीं रही है। इंग्लैंड के खिलाफ चौथे टी20 मैच में वैभव महज 10 गेंदों में 15 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। डेब्यू के बाद यह उनका तीसरा मैच था, और लगातार तीन मैचों में फ्लॉप होने के बाद अब उनके शॉट सिलेक्शन पर सवाल उठने लगे हैं।
लगातार एक ही गलती दोहरा रहे हैं वैभव
क्रिकेट एक्सपर्ट्स का मानना है कि वैभव तेज और दोहरी उछाल (डबल बाउंस) वाली गेंदों को सही से भांप नहीं पा रहे हैं। गौर करने वाली बात यह है कि पिछले तीनों मैचों में वह एक ही तरह से शॉर्ट पिच गेंद पर अपना विकेट गंवाकर आउट हुए हैं। यही वजह है कि अब शॉर्ट गेंद को विरोधी टीमें उनकी सबसे बड़ी कमजोरी मानकर चल रही हैं।
आईपीएल बनाम इंटरनेशनल क्रिकेट का दबाव
हालांकि, महज तीन मैचों के आधार पर वैभव की क्षमता पर पूरी तरह सवाल उठाना जल्दबाजी होगी। यह वही वैभव सूर्यवंशी हैं जिन्होंने पिछले आईपीएल सीजन में दुनिया के दिग्गज गेंदबाजों की जमकर धुनाई की थी।
विशेषज्ञों की राय: वैभव ने अभी-अभी अपने अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत की है। उन्हें आईपीएल के आक्रामक माइंडसेट से बाहर निकलकर इंटरनेशनल क्रिकेट के मिजाज में ढलने के लिए थोड़े समय की जरूरत है।
संजू सैमसन को बाहर रखने का बढ़ा दबाव
वैभव को प्लेइंग इलेवन में शामिल करने के लिए इन-फॉर्म बल्लेबाज संजू सैमसन को बेंच पर बिठाया गया है। सैमसन ने टी20 विश्व कप में भारत के लिए शानदार प्रदर्शन किया था, लेकिन आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ सिर्फ एक मैच में फ्लॉप होने के कारण उन्हें ड्रॉप कर दिया गया। ऐसे में वैभव पर बड़ी पारी खेलने का मानसिक दबाव और बढ़ गया है।



